वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक नवनीत निनामा का निधन, वागड़ अंचल में शोक की लहर


बांसवाड़ा/घाटोल। वागड़ की राजनीति के एक युग का आज अंत हो गया। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और घाटोल विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे नवनीत निनामा का निधन हो गया है। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे जिले सहित प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
      साधारण व्यक्तित्व और असाधारण राजनीतिक सफर : 3 सितंबर 1939 को जन्मे नवनीत निनामा ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वे न केवल चार बार विधायक चुने गए, बल्कि उन्होंने प्रधान और भाजपा जिला अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्हें संगठन का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा बुलंद रखा।
         दिग्गज नेताओं के रहे करीबी : नवनीत निनामा का कद राजनीति में कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेहद करीबी और विश्वसनीय नेताओं में शुमार थे। वे असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के भी अत्यंत निकट माने जाते थे। उनके कार्यकाल में घाटोल क्षेत्र में विकास के कई नए आयाम स्थापित हुए।
         अंतिम संस्कार कल : दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर वर्तमान में उनके पैतृक गांव गरनावट में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सेनावास मोक्षधाम में किया जाएगा। नवनीत निनामा के निधन को भाजपा संगठन और क्षेत्रीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से वागड़ ने एक ऐसा जननेता खो दिया है जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

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