खोडियार माता की रथयात्रा का सीमलवाड़ा में भव्य समापन, हजारों समाजबंधुओं ने दी भावभीनी विदाई


सीमलवाड़ा। लेउवा पाटीदार समाज की आराध्य कुलदेवी मां खोडियार माता की रथयात्रा का चौरासी क्षेत्र के सीमलवाड़ा स्थित पाटीदार समाज छात्रालय में ऐतिहासिक और भव्य समापन हुआ। श्री खोडलधाम दशाब्दी महोत्सव-2027 के उपलक्ष्य में निकाली गई इस रथयात्रा के समापन समारोह में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का शंखनाद किया।
     सुबह चौरासी क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने विशाल मोटरसाइकिल रैली के साथ सुरपुर पहुंचकर रथ की अगवानी की। इसके बाद गाजे-बाजे और गगनभेदी जयकारों के साथ रथ सीमलवाड़ा पहुंचा, जहां भव्य समारोह के बाद इसे गुजरात की ओर भावभीनी विदाई दी गई।

प्रमुख आकर्षण और आयोजन के मुख्य बिंदु
  • यजमान और पूजा-अर्चना : कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कचरूलाल सालमपुरा एवं उनके परिवार ने विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की, जबकि महाआरती का सौभाग्य धनेश्वर पाडलिया को मिला।
  • मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि : विद्यानगर चेयरमैन डायालाल विकासनगर (मुख्य अतिथि), अंतरराष्ट्रीय कथाकार किशोर चन्द्र शास्त्री बड़ौदा वाले (मुख्य वक्ता) और ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष प्रेमजी भाई करियाणा (अध्यक्ष)।
  • विशिष्ट अतिथि : प्रगति मंडल जिलाध्यक्ष राजेश चिखली, मैनेजिंग ट्रस्टी गोपाल भाई जसेला, दीपक भाई सरदारपुरा (गुजरात), हार्दिक पांड्या और चौरासी रथयात्रा संयोजक हरीप्रसाद करावाड़ा।
  • मंच संचालन और आभार : कार्यक्रम का कुशल संचालन चंद्रकांत पाडलिया ने किया और आभार प्रदर्शन प्रवीण धंबोला ने किया।

अतिथियों के प्रेरक विचार: 'संघे शक्ति कलियुगे'

पारिवारिक मूल्यों से मजबूत होगा समाज : डायालाल विकासनगर
मुख्य अतिथि डायालाल विकासनगर ने कहा कि एक रुपया और एक माणा अनाज से शुरू हुई पाटीदार समाज की विकास यात्रा आज देश की राष्ट्रीय धरोहर बन चुकी है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार में राम जैसा मुखिया, लक्ष्मण जैसा भाई और सीता जैसी आदर्श जीवनसंगिनी के गुण होने चाहिए।

संगठन, संस्कार और व्यसनमुक्ति का संकल्प: किशोर चन्द्र शास्त्री
मुख्य वक्ता किशोर चन्द्र शास्त्री ने समाज को एकता और सद्भाव का संकल्प दिलाते हुए कहा :
  • एकता और प्रेम : जिस घर में सभी भाई प्रेम से साथ बैठकर भोजन करते हैं, वह घर अयोध्या है; आपसी क्लेश घर को लंका बना देता है।
  • व्यसनमुक्ति और स्वास्थ्य : व्यसन परिवार की खुशहाली को नष्ट करते हैं। इसकी जगह प्रतिदिन 5 किलोमीटर पैदल चलने की अच्छी आदत अपनाएं।
  • डिजिटल उपवास : जैसे अन्न का उपवास होता है, वैसे ही सप्ताह में एक दिन मोबाइल से दूरी बनाकर परिवार को समय दें।
  • पारिवारिक नियम : हर घर में हिंदू धार्मिक ग्रंथ हों और परिवार के सभी सदस्य शाम का भोजन एक साथ करें।

अखिल भारतीय पाटीदार समाज को एक सूत्र में पिरोने का लक्ष्य
इस रथयात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बसे पाटीदार समाज के लोगों को आपसी संपर्क से जोड़ना और सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को नई ऊर्जा देना है। यह यात्रा गांव-गांव तक सेवा, संस्कार, महिला सम्मान, युवा जागरण और पारिवारिक एकजुटता का संदेश पहुंचाने में पूरी तरह सफल रही।
     इस ऐतिहासिक समापन समारोह में जिलेभर से मोहनलाल सेमलिया घाटा, हरीशचन्द्र अम्बाडा, डायालाल घाटा का गांव, वासुदेव पाडवा सहित चौरासी क्षेत्र के माधवलाल विकासनगर, पुरुषोत्तम, जगदीश करावाड़ा, पंकज पोहरी, गेहरीलाल किशनपुरा और हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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