कुशलगढ़। कुशलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर स्थानीय सियासत में सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन दोपहर 3 बजे तक कुल दो प्रत्याशियों ने अपने पर्चे दाखिल किए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से हितेश पडियार और कांग्रेस की ओर से सुशीला प्रजापत ने अपना नामांकन निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
पहली बार के पार्षद आमने-सामने, पारिवारिक पृष्ठभूमि मजबूत
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के हितेश पडियार और कांग्रेस की सुशीला प्रजापत, दोनों ही पहली बार पार्षद का चुनाव जीतकर आए हैं और पहली ही बार में अध्यक्ष पद के लिए आमने-सामने हैं। दोनों ही प्रत्याशियों की राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि मजबूत है :
- हितेश पडियार (भाजपा) : इनकी माता लीला पडियार वर्तमान में भाजपा की जिला उपाध्यक्ष हैं और पूर्व में नगर पालिका उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। हितेश ने अपने प्रस्तावक निर्वाचित पार्षद राघवेश चरपोटा के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।
- सुशीला प्रजापत (कांग्रेस) : सुशीला प्रजापत (पत्नी राजकुमार प्रजापत) के ससुर भेरूलाल प्रजापत दो बार कांग्रेस से और एक बार निर्दलीय पार्षद रह चुके हैं। सुशीला ने अपने प्रस्तावक पार्षद रजनीकांत खाब्या के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पर्चा भरा।
आंकड़ों का गणित : निर्दलीय नरेश गाडिया बने 'किंगमेकर'?
20 वार्डों वाली कुशलगढ़ नगर पालिका में स्पष्ट बहुमत के लिए 11 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। हालिया चुनाव परिणामों के बाद सदन की स्थिति बेहद रोचक है :
- भाजपा : 10 सीटें
- कांग्रेस : 09 सीटें
- निर्दलीय : 01 सीट (नरेश गाडिया)
भाजपा और कांग्रेस के बीच केवल एक सीट का फासला होने के कारण अब पूरा दारोमदार निर्दलीय पार्षद नरेश गाडिया के रुख पर टिक गया है। राजनीतिक हलकों में उन्हें इस चुनाव का 'किंगमेकर' माना जा रहा है, हालांकि अंतिम स्थिति मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी।
नितेश बैरागी के नामांकन की चर्चाओं पर लगा विराम
नामांकन से पहले भाजपा के निर्वाचित पार्षद और निवर्तमान उपाध्यक्ष नितेश बैरागी के नाम को लेकर शहर में काफी चर्चाएं थीं कि वे भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद खुद नितेश बैरागी ने स्थिति साफ करते हुए कहा, "मैं भारतीय जनता पार्टी का सिपाही हूं और पार्टी के साथ हूं।" उनके इस बयान के बाद सभी कयासों पर पूरी तरह विराम लग गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आगामी चुनावी कार्यक्रम
नामांकन प्रक्रिया के दौरान उपखंड कार्यालय के बाहर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था देखी गई। पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में सर्किल इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह सिसोदिया सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
निर्वाचन अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी मुकेश कुमार मीणा ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया :
- 18 सितंबर : नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी।
- 21 सितंबर : नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए सुबह मतदान होगा।
- 22 सितंबर : नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
अध्यक्ष पद के लिए दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के मैदान में उतरने के बाद अब कुशलगढ़ की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें आगामी मतदान पर टिक गई हैं। आने वाले दिनों में पार्षदों को अपने पाले में बनाए रखने की राजनीतिक बिसात और तेज होने की उम्मीद है।
— ललित गोलेछा की रिपोर्ट

एक टिप्पणी भेजें