बड़ी खबर : प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली जिम्मेदारी


नई दिल्ली। देश की राजनीति और शिक्षा जगत से बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लिया गया है।

NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
बीते कई सप्ताह से NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी थे। छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया।

प्रह्लाद जोशी के पास रहेंगे ये मंत्रालय
64 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पाँच बार लोकसभा सांसद रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार के साथ वे अपने वर्तमान मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

नए शिक्षा मंत्री के सामने होंगी बड़ी चुनौतियाँ
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं जब परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में गंभीर सवाल खड़े हैं। उनके सामने प्रमुख चुनौतियाँ होंगी—
- राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करना।
- पेपर लीक पर प्रभावी कार्रवाई कर परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना।
- छात्रों और अभिभावकों का विश्वास दोबारा कायम करना।
- आगामी संसद सत्र में शिक्षा व्यवस्था और NEET विवाद से जुड़े विपक्ष के सवालों का जवाब देना।

नियुक्ति से एक दिन पहले प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

एकता समाचार ब्यूरो रिपोर्ट

Post a Comment

और नया पुराने