‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’—बाल कवयित्री किम भारतीय की कविता का एसपी मनीष कुमार ने किया विमोचन


डूंगरपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के तहत डूंगरपुर की बाल कवयित्री एवं जनजागरूकता प्रेरक किम भारतीय की स्वरचित देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने विमोचन किया।
किम भारतीय ने अपनी कविता के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। कविता में शहीदों के बलिदान, तिरंगे के सम्मान, मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने किम भारतीय की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल करना प्रेरणादायी है। ऐसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


किम भारतीय ने बताया कि कविता लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए मिली। उनका उद्देश्य है कि बच्चे स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझें, देश के वीर शहीदों के प्रति सम्मान रखें और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें।


कविता को जिले के अधिकाधिक विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही साहित्यिक और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी इसे लोगों तक पहुंचाने की योजना है, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच शहीदों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम का संदेश प्रभावी रूप से पहुंच सके।
इस अवसर पर किम भारतीय के माता-पिता ब्रिजेश कुमार सोमपुरा और नीता सोमपुरा भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि किम भारतीय कक्षा 8 की छात्रा हैं और कविता लेखन के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रहती हैं। वे सड़क सुरक्षा, मतदाता जागरूकता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी रचनात्मक माध्यम से जागरूकता का संदेश देती रही हैं।




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