तालाब में नहाते समय 6 डूबे, 4 भाई-बहनों की मौत : परिवार में अब केवल माता-पिता बचे, छुट्टियों के लिए आई भांजी भी हादसे का शिकार

डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां वात्रक तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से चार भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और एक उनकी फुफेरी बहन शामिल है, जो छुट्टियों में ननिहाल आई हुई थी। इस भीषण हादसे के बाद पीड़ित किसान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और माता-पिता के आंचल से उनके तीनों बच्चों का साया हमेशा के लिए उठ गया है। वहीं हादसे में दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनका सीमलवाड़ा अस्पताल में उपचार जारी है।


धम्बोला थाना पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव निवासी किसान बाबूसिंह डामोर के बच्चे और उनके रिश्तेदार गांव के ही वात्रक तालाब पर नहाने के लिए गए थे। बारिश के मौसम के चलते तालाब में पानी का भराव अच्छा था और नहाते समय बच्चे गहरे पानी की ओर चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण बच्चे अचानक डूबने लगे और उन्होंने चीख-पुकार मचानी शुरू कर दी। बच्चों की आवाज सुनकर पास ही मौजूद सुरेश सिंह तुरंत मौके पर दौड़े। उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए अपने बेटे जयसिंह और उसके साथी राजवीर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इससे पहले कि वह अन्य बच्चों को बचा पाते, चारों गहराई में समा गए।


इस वीभत्स हादसे में बाबूसिंह डामोर की बड़ी पुत्री हिना (24 वर्षीय), जो गांव के ही एक निजी स्कूल में अध्यापिका थी, बेटा प्रतीक (20 वर्षीय), जिसने हाल ही में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, और छोटी बेटी इशिता (15 वर्षीय), जो 11वीं कक्षा की छात्रा थी, की जलसमाधि हो गई। इनके साथ ही चार दिन पहले गुजरात के पालनपुर से अपने ननिहाल घूमने आई फुफेरी बहन रौनक (20 वर्षीय) पुत्री गौतम भाई परमार भी इस काल का ग्रास बन गई। चीख-पुकार सुनकर घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए, जिन्होंने चारों शवों को पानी से बाहर निकाला।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को सीमलवाड़ा अस्पताल के मुर्दाघर भिजवाया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें ढांढस बंधाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वात्रक तालाब के पास एक मंदिर स्थित है, जहां अमूमन लोग आते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा घटित हुआ। पालनपुर में रौनक के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है, जो डूंगरपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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