सागवाड़ा (डूंगरपुर)। सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र में आज NEET एवं अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली, पेपर लीक तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र-छात्राओं और स्थानीय युवाओं का प्रचंड आक्रोश देखने को मिला। वागड़ के युवाओं द्वारा आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में सागवाड़ा, गलियाकोट, डूंगरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए।
प्रदर्शन की शुरुआत सागवाड़ा बस स्टैंड से हुई, जहां से आक्रोशित छात्रों ने एक विशाल रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवा नारेबाजी करते हुए गोल चौराहा होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन में न केवल युवा और छात्राएं शामिल थीं, बल्कि कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर धरने पर बैठी नजर आईं।
उपखंड कार्यालय परिसर में छात्र भारी आक्रोश के साथ धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफे की मांग की।
इसके पश्चात उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सुबोध सिंह चारण को राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से NEET एवं अन्य परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने तथा प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।
इस अवसर पर राकेश सरपोटा (रामसोर), विशाल मईडा (वासेला), पंकज, प्रदीप यादव (गलियाकोट), विकास मईडा, मेहुल, हार्दिक डेंडोर, कांति मकवाना, संजय रोत, यश यादव (चितरी) और रोहित ननोमा सहित क्षेत्र के अनेक छात्र नेता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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