डूंगरपुर। नगर निकाय चुनावों को लेकर डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी सोमवार को निकाली गई। इसके साथ ही नगर परिषद के सभी वार्डों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। सभापति का पद पहले ही सामान्य ओपन के लिए आरक्षित किया जा चुका है।
वार्ड आरक्षण की लॉटरी के लिए कक्षा 8 की दो छात्राओं को बुलाया गया। महात्मा गांधी विद्यालय राजपुर की छात्रा सुषमा डामोर और मिनल ननोमा ने वार्डों के आरक्षण की पर्चियां निकालीं।
40 वार्डों में 16 वार्ड आरक्षित
डूंगरपुर नगर परिषद के कुल 40 वार्डों में से 16 वार्ड विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें ओबीसी के 8, एससी के 6 और एसटी के 2 वार्ड शामिल हैं। ओबीसी के 8 वार्डों में से 3 वार्ड महिलाओं के लिए, एससी के 6 वार्डों में से 1 वार्ड महिला के लिए और एसटी के दोनों वार्ड महिला आरक्षित हैं। वहीं 24 वार्ड सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जिनमें से 8 वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं।
डूंगरपुर नगर परिषद में वर्गवार आरक्षण
वर्ग| कुल वार्ड| महिला वार्ड
ओबीसी| 8| 3
एससी| 6| 1
एसटी| 2| 2
सामान्य ओपन| 24| 8
कुल| 40| 14
डूंगरपुर के 40 वार्डों की वार्डवार आरक्षण सूची
वार्ड संख्या| आरक्षित वर्ग
1| सामान्य ओपन
2| सामान्य ओपन
3| एसटी महिला आरक्षित
4| ओबीसी महिला आरक्षित
5| ओबीसी आरक्षित
6| एससी आरक्षित
7| एससी आरक्षित
8| एससी महिला आरक्षित
9| सामान्य महिला
10| सामान्य ओपन
11| एसटी महिला आरक्षित
12| सामान्य ओपन
13| ओबीसी आरक्षित
14| सामान्य महिला
15| सामान्य महिला
16| ओबीसी आरक्षित
17| ओबीसी आरक्षित
18| सामान्य ओपन
19| सामान्य महिला
20| सामान्य ओपन
21| सामान्य ओपन
22| सामान्य ओपन
23| एससी आरक्षित
24| सामान्य ओपन
25| एससी आरक्षित
26| सामान्य ओपन
27| सामान्य ओपन
28| एससी आरक्षित
29| सामान्य महिला
30| सामान्य महिला
31| सामान्य ओपन
32| सामान्य ओपन
33| सामान्य महिला
34| ओबीसी आरक्षित
35| सामान्य ओपन
36| ओबीसी महिला आरक्षित
37| सामान्य ओपन
38| सामान्य ओपन
39| सामान्य महिला
40| ओबीसी महिला आरक्षित
आरक्षण तय होते ही बदले चुनावी समीकरण
डूंगरपुर नगर परिषद के सभी 40 वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद अब संभावित प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति भी बदलने लगी है। कई वार्डों में मौजूदा दावेदारों के लिए परिस्थितियां बदली हैं, जबकि महिला और आरक्षित वार्डों में नए दावेदारों के लिए चुनावी मैदान खुल गया है। वार्डवार आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर की स्थानीय राजनीति में भी आने वाले दिनों में हलचल और तेज हो सकती है।

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