जब इरादे नेक हों और नियत में सेवा का भाव, तो सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का जरिया बन जाता है। वागड़ क्षेत्र से सामने आई एक भावुक कर देने वाली घटना ने इस बात को साबित कर दिखाया है, जहां सही समय पर की गई एक डिजिटल अपील ने आंख के कैंसर से जूझ रहे एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है।
यह भी पढ़ें : केंद्र का बड़ा फैसला : मानगढ़ धाम नहीं बनेगा राष्ट्रीय स्मारक ; आधुनिक निर्माण बना रोड़ा, सियासी घमासान तेज
साधनों के अभाव में हताश था परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, वागड़ क्षेत्र का एक गरीब परिवार अपने मासूम बच्चे की आंख के कैंसर का इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ था। संसाधनों और पैसों के अभाव में परिवार पूरी तरह हताश हो चुका था। ऐसे कठिन समय में सोशल मीडिया क्रिएटर अरविंद अहारी और उनकी टीम इस पीड़ित परिवार के लिए मदद का हाथ बढ़ाकर सामने आई। दो दिन पहले अरविंद अहारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाकर लोगों से मासूम के इलाज के लिए आगे आने की अपील की थी।
जन-आंदोलन बनी सोशल मीडिया की अपील
अरविंद अहारी, पिंटू राजा और भंवर दादा के इस प्रयास ने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक मुहिम का रूप ले लिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का दिल पसीज गया और सर्व समाज के शुभचिंतकों तथा दर्शकों ने बिना किसी देरी के दिल खोलकर आर्थिक सहयोग किया। इस सामूहिक मदद का ही नतीजा है कि आज उस मासूम का इलाज अहमदाबाद के एक अस्पताल में सुचारू रूप से चल रहा है और परिवार को राहत मिली है।
यह भी पढ़ें : डेढ़ करोड़ की पैतृक संपत्ति सांवलिया सेठ को दान : डूंगरपुर के किसान अमरजी गौतम ने 10 साल की जद्दोजहद के बाद निभाया संकल्प
टीम ने जताया सर्व समाज का आभार
इस मुहिम की सफलता पर टीम की ओर से गहरा आभार व्यक्त किया गया है। टीम ने कहा कि यह सेवा कार्य उन सभी लोगों के नाम समर्पित है जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर विश्वास जताया और कदम-कदम पर साथ दिया।
टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया, "आप सभी के अपार प्यार और सहयोग की बदौलत ही हम एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सके हैं। हम सर्व समाज, सहयोगकर्ताओं और अपने पूरे सोशल मीडिया परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। आपका यही विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम आगे भी इसी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ समाज सेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे।"
वागड़ अंचल में घटी यह घटना इस बात की जीवित मिसाल है कि यदि सही मंच और सही नीयत का संगम हो, तो सोशल मीडिया के माध्यम से किसी डूबती हुई जिंदगी को नया सहारा मिल सकता है।


एक टिप्पणी भेजें