उदयपुर। शहर ने एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पल का साक्षी बनते हुए National Excellence Awards 2026 के भव्य आयोजन को देखा। यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज की विविध प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने वाला प्रेरक आयोजन साबित हुआ। शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, खेल, पत्रकारिता, कला, हुनर और समाजसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं नई पीढ़ी के मार्गदर्शक डॉ. वसीम ख़ान ने अपने प्रेरक संबोधन में समाज से नकारात्मक सोच छोड़कर शिक्षा, सकारात्मक दृष्टिकोण और युवाओं के भविष्य पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्व शक्ति बनाना है तो सबसे बड़ा निवेश नई पीढ़ी की शिक्षा, कौशल, शोध और चरित्र निर्माण में करना होगा।
डॉ. ख़ान ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी इमारतों या संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके बच्चों के सपनों, शिक्षा और सकारात्मक वातावरण से तय होता है। उन्होंने कहा कि National Excellence Awards 2026 समाज की सोच बदलने वाला एक सकारात्मक अभियान है, जिसने यह साबित किया कि छोटे समाजों में भी विश्वस्तरीय प्रतिभाएँ मौजूद हैं।
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उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानें। हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नहीं होता, बल्कि कोई वैज्ञानिक, उद्यमी, खिलाड़ी, कलाकार, पत्रकार या शिक्षक बनकर भी समाज और देश का नाम रोशन कर सकता है। डॉ. वसीम ख़ान ने कहा कि नई पीढ़ी को नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाली पीढ़ी बनाना होगा। बच्चों में आत्मविश्वास, नवाचार, कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने आयोजन की पारदर्शिता और उच्चस्तरीय व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सभी सम्मान समाज की राय और जूरी की सर्वसम्मति के आधार पर दिए गए, जिससे युवाओं में मेहनत और ईमानदारी के प्रति विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने कार्यक्रम की अनुशासित और प्रोफेशनल योजना की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रत्येक सम्मानित व्यक्ति की उपलब्धियों और संघर्ष की कहानी को समाज के सामने प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत किया गया।
डॉ. ख़ान ने विशेष रूप से श्री आरिफ़ शेख़ और उनकी फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच, पारदर्शिता, प्रोफेशनल मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति ने इस आयोजन को एक नया मानक स्थापित करने वाला कार्यक्रम बना दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विजेता को सम्मान के साथ उसकी प्रेरक जीवन-यात्रा प्रस्तुत करना इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। अपने संबोधन के अंत में डॉ. वसीम ख़ान ने सभी सम्मानित प्रतिभाओं से नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हर सफल व्यक्ति कम-से-कम एक विद्यार्थी का मार्गदर्शक बन जाए, तो आने वाले वर्षों में पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, सकारात्मक सोच, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से भारत निश्चित रूप से विश्व शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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