सागवाड़ा : संस्कृत विद्यालयों में शुरू हुआ 'जान है तो जहान है' अभियान | विद्यार्थियों को मिला सड़क सुरक्षा का संदेश


सागवाड़ा। विभिन्न गांवों में "जान है तो जहान है" अभियान की अपार सफलता के बाद अब इस अभियान का कारवां विद्यालयों की ओर रुख कर चुका है। संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी, उदयपुर के निर्देशानुसार आज से उदयपुर संभाग के सभी संस्कृत विद्यालयों में सड़क सुरक्षा को लेकर इस विशेष अभियान की शुरुआत कर दी गई है। अभियान का भव्य शुभारंभ स्थानीय राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, पुनर्वास कॉलोनी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के साथ हुआ।


इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में "जान है तो जहान है" टीम द्वारा छात्र-छात्राओं को सड़क पर चलते समय यातायात नियमों की कड़ाई से पालना करने का संकल्प दिलाया गया। दिप होंडा सर्विस पॉइंट के प्रोपराइटर एवं जान है तो जहान है फाउंडेशन के संस्थापक चिराग मेहता, मुख्य वक्ता पवन पंड्या तथा कवि मयंक मीत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यातायात सुरक्षा के गुरुमंत्र दिए। वक्ताओं ने बच्चों को समझाया कि दो पहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनना अत्यंत आवश्यक है और चार पहिया वाहन का उपयोग करते समय सीट बेल्ट अवश्य बांधनी चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को यातायात संकेतों और सुरक्षा नियमों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।


कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सेवानिवृत्त हो रहे प्रधानाचार्य राजेश जैन का विशेष सम्मान समारोह भी पूरे गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने उन्हें तिलक लगाकर, पारंपरिक पगड़ी पहनाकर एवं उपरना ओढ़ाकर भावभीनी विदाई दी। इस यादगार लम्हे पर प्रधानाचार्य राजेश जैन ने बच्चों को पानी की बोतलें भेंट कीं, साथ ही अभियान को समर्थन देते हुए अपनी ओर से 10 हेलमेट वितरित किए।


सड़क सुरक्षा के इस मंच से शिक्षा और सुरक्षा का बेहतरीन संदेश देते हुए टीम ने कक्षा 10वीं की टॉपर सगीना डेंडोर एवं 11वीं की टॉपर तारा डोडियार को हेलमेट प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
संभाग स्तर पर शुरू हुआ यह "जान है तो जहान है" अभियान अब उदयपुर संभाग के सभी 7 जिलों के संस्कृत विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से आमजन तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है। कार्यक्रम के समापन पर विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली गई।




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