डूंगरपुर नगर परिषद लॉटरी विवाद : बीएपी नेताओं ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर साधा निशाना, लगाया आरक्षण में हेरफेर व षड्यंत्र का आरोप


डूंगरपुर। नगर परिषद के सभापति पद की लॉटरी प्रक्रिया और वार्ड पुनर्गठन को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। बीएपी के सामान्य वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चुण्डावत और जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर लॉटरी प्रक्रिया में अनियमितता, मिलीभगत और स्थानीय मूल निवासियों के अधिकारों की अनदेखी के आरोप लगाए।


प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने दावा किया कि डूंगरपुर शहर में 37 हजार से अधिक मतदाताओं में करीब 25 हजार मतदाता ओबीसी वर्ग से हैं। इसके बावजूद जयपुर में हुई लॉटरी में डूंगरपुर नगर परिषद के सभापति पद को ओबीसी के बजाय सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। उन्होंने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1995 के बाद शहर के किसी स्थानीय ओबीसी व्यक्ति को सभापति बनने का अवसर नहीं मिला।
     चुण्डावत ने शहर के सलाटवाड़ा, सुथारवाड़ा, कंसारा चौक, सोनी चौक, भावसारवाड़ा, लुहारवाड़ा और नाईवाड़ा सहित विभिन्न इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय समाजों की बड़ी आबादी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉटरी प्रक्रिया में हेरफेर कर स्थानीय दावेदारों के अधिकारों को प्रभावित किया गया। साथ ही उन्होंने “पैसा लो, कुर्सी दो” की राजनीति का आरोप लगाते हुए बाहरी दावेदारों को बढ़ावा देने की बात कही।



वहीं, बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने वार्ड पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर प्रभावी बदलाव करने के बजाय केवल वार्डों के नंबरों में फेरबदल कर कागजी प्रक्रिया पूरी की गई है। रोत ने पूर्व सभापति अमृत कलासुआ को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी होने के कारण भाजपा के कार्यकाल में उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया गया और उनके साथ भेदभाव किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप बीएपी नेताओं द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं।
     अनुतोष रोत ने जिला परिषद, पंचायत समिति और उपसरपंच पद से जुड़ी लॉटरी को एक माह आगे खिसकाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वागड़ क्षेत्र में बीएपी के बढ़ते जनाधार से चिंतित है और इसी वजह से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।



प्रेस वार्ता के अंत में बीएपी नेताओं ने डूंगरपुर शहर के स्थानीय वर्गों, ओबीसी और सामान्य समाज के लोगों से एकजुट होकर स्थानीय मूल निवासियों के अधिकारों और शहर के विकास के लिए भारत आदिवासी पार्टी का समर्थन करने की अपील की।

नोट : प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोप बीएपी नेताओं के हैं। इन आरोपों पर भाजपा या प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को उसके पक्ष के साथ अपडेट किया जा सकता है।


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