डूंगरपुर नगर परिषद की वार्ड आरक्षण लॉटरी पर भाजपा का विरोध, आरक्षण प्रक्रिया को बताया गलत


डूंगरपुर। नगर निकाय चुनाव को लेकर डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद भाजपा ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया है। भाजपा नेताओं ने एसटी और एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए कुछ वार्डों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि कुछ वार्डों में जिस वर्ग के लिए आरक्षण किया गया है, वहां उस वर्ग की आबादी नहीं है। भाजपा ने आरक्षण प्रक्रिया की दोबारा जांच और भौतिक सत्यापन की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी गई है।


जिला परिषद के ईडीपी सभागार में डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी आयोजित की गई। लॉटरी से पहले कलेक्टर देशलदान और एडीएम प्रकाशचंद्र रैगर ने आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। डूंगरपुर नगर परिषद में एसटी के लिए 5, एससी के लिए 3 और ओबीसी के लिए 8 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं 24 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए खुले रखे गए हैं।


भाजपा ने आरक्षण प्रक्रिया पर उठाए सवाल
लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन, पूर्व पार्षद मनोहर पटेल और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या ने आरक्षण पर आपत्ति जताई। इस दौरान सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि एसटी और एससी के लिए वार्डों का आरक्षण किस आधार पर किया गया है। उनका आरोप है कि कुछ वार्डों में संबंधित आरक्षित वर्ग की आबादी नहीं होने के बावजूद उन्हें आरक्षित कर दिया गया।


वार्ड 7, 23 और 25 को लेकर भाजपा की आपत्ति
भाजपा ने विशेष रूप से वार्ड नंबर 7, 23 और 25 को लेकर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं का दावा है कि इन वार्डों में एसटी वर्ग की आबादी नहीं है। भाजपा के अनुसार वार्ड नंबर 23 में ओबीसी और वार्ड नंबर 25 में एससी वर्ग की आबादी है। ऐसे में इन वार्डों को एसटी के लिए आरक्षित किए जाने के आधार पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेताओं ने मांग की कि आरक्षित किए गए वार्डों में संबंधित वर्ग की आबादी का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए और यदि आरक्षण में गलती सामने आती है तो प्रक्रिया को दोबारा किया जाए।


कलेक्टर से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल
लॉटरी प्रक्रिया के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन सहित भाजपा नेता कलेक्टर के चैंबर में पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा ने वार्डों के आरक्षण का दोबारा भौतिक सत्यापन करवाने और आवश्यकता होने पर आरक्षण की लॉटरी फिर से कराने की मांग रखी।


कलेक्टर बोले—जनसंख्या के आधार पर हुआ आरक्षण
भाजपा की आपत्ति पर कलेक्टर देशलदान ने कहा कि वार्डों का आरक्षण जनसंख्या के आधार पर किया गया है। वहीं भाजपा की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर उन्होंने जांच करवाने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि संबंधित वार्डों में जनसंख्या की स्थिति को देखा जाएगा।

भाजपा ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने आरक्षण प्रक्रिया को गलत बताते हुए इसे स्वीकार नहीं करने की बात कही। पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन ने कहा कि यदि आपत्तियों का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा इस मामले को कोर्ट में ले जाएगी।

आरक्षण लॉटरी के बाद भाजपा के विरोध से डूंगरपुर में निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। अब प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।



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