बांसवाड़ा | गुरुवार को NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। ये सभी कार्यकर्ता पहले कुशलबाग मैदान में एकजुट हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए दोपहर करीब 12:45 बजे कलेक्ट्रेट पहुँचे।
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कलेक्ट्रेट गेट पर हुई पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की
जब रैली कलेक्ट्रेट पहुँची तो पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया और सभी को अंदर जाने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने केवल पाँच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाकर ज्ञापन सौंपने की बात कही, लेकिन कार्यकर्ता सभी को एक साथ प्रवेश देने की जिद पर अड़े रहे और देखते ही देखते गेट पर तैनात जाब्ते के साथ तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
स्थिति अनियंत्रित होने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ने तथा प्रदर्शनकारियों द्वारा जबरन गेट फाँदकर अंदर घुसने का प्रयास करने पर डीएसपी मनीष चारण और कोतवाल नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल ने कड़ा रुख अपनाया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे मौके पर भारी भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
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भगदड़ और अफरा-तफरी के बीच छूटे जूते-चप्पल
अचानक हुए इस लाठीचार्ज के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई प्रदर्शनकारियों के जूते-चप्पल घटनास्थल पर ही बिखर गए और लोग गिरते-पड़ते भागते नजर आए, वहीं इस पूरी झड़प में कई कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं।
कांग्रेस कार्यकर्ता सुभाष निनामा ने पुलिस कार्रवाई को बताया अनुचित
घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सुभाष निनामा ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और वे केवल ज्ञापन देने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बेवजह बर्बरता दिखाई जिससे कई लोगों के मोबाइल और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
डीएसपी मनीष चारण ने दी लाठीचार्ज पर सफाई
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी मनीष चारण ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को पाँच लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन वे भीड़ के साथ जबरदस्ती अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजबूरन पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।



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