डूंगरपुर | जिला कलेक्टर देशल दान ने आज ग्रामीण सेवा शिविरों और स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी जायजा लेने के लिए औचक दौरा किया। इस दौरान प्रशासनिक अमले में पूरी तरह सक्रियता नजर आई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए गए।
टामटिया और लिमडी शिविर में पट्टे वितरित, सीधे संवाद से सुनी समस्याएं
जिला कलेक्टर देशल दान ने टामटिया और लिमडी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। शिविर के दौरान पात्र ग्रामीणों को प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ पट्टों का वितरण किया गया। कलेक्टर ने आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। पशुपालकों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पशु बीमा पॉलिसियों का वितरण भी सुनिश्चित कराया गया। इसके अलावा, राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के व्यक्तिगत लाभार्थियों से मुलाकात कर धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
विभागीय प्रगति की समीक्षा और लापरवाहों के खिलाफ स्पष्ट संदेश
शिविर स्थल पर मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से विभागवार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही या ढिलाई को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करना होगा।
सीएचसी टामटिया का औचक निरीक्षण, मरीजों से जाना स्वास्थ्य सेवाओं का हाल
चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) टामटिया का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने बाह्य रोगी विभाग (OPD) की कार्यप्रणाली की जांच करने के साथ-साथ अंतः रोगी विभाग (IPD) वार्ड का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिल रही दवाओं, उपचार और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का फीडबैक लिया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था और डॉक्टरों की उपस्थिति के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। प्रसूति महिलाओं से विशेष तौर पर मिलकर उनके इलाज और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में पूछा गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक सुधार और त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए।
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