शिक्षा विभाग में तबादलों और मेंटेनेंस फंड पर भारी बवाल : अनुतोष रोत और दिग्विजय सिंह ने दी स्कूलों में तालाबंदी की चेतावनी


डूंगरपुर। जिले में शिक्षकों के तबादलों और सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर सर्व समाज डूंगरपुर ने अब सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी अनुतोष रोत और दिग्विजय सिंह ने इन तबादलों को पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस अंधाधुंध फेरबदल के कारण क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो रही है। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों के मेंटेनेंस फंड में भी करोड़ों रुपये के गंभीर भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं। समाजसेवियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि इस विसंगतिपूर्ण फेरबदल को तुरंत निरस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्कूलों में तालाबंदी कर एक बड़ा उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।


राजनीतिक दबाव में नियमों को ताक पर रखकर किए गए तबादले : अनुतोष रोत
अनुसूचित क्षेत्र यानी टीएसपी बेल्ट में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर अब सियासत पूरी तरह से गरमा चुकी है। सर्वसमाज हितैषी अनुतोष रोत ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और हाल ही में हुए ट्रांसफर की सूचियों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि बिना किसी तय मापदंड और विभागीय नियमों के, केवल राजनीतिक दबाव और झूठी शिकायतों को आधार बनाकर मनमर्जी से शिक्षकों को यहां से वहां भेजा गया है। इस गैर-जिम्मेदाराना फेरबदल की वजह से क्षेत्र के कई स्कूलों में शिक्षकों के महत्वपूर्ण पद पूरी तरह खाली हो गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। इतना ही नहीं, अनुतोष रोत ने कहा कि महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों के ट्रांसफर में भी तय नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्र संख्या के विपरीत नियुक्तियां और सरकारी नीतियों पर बड़ा हमला : दिग्विजय सिंह
दूसरी ओर, समाजसेवी दिग्विजय सिंह ने डूंगरपुर समेत पूरे टीएसपी क्षेत्र में बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आंकड़ों और स्थिति का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि शिक्षकों के तबादले बिना किसी मापदंड के केवल राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर किए गए हैं। सिंह का कहना है कि जहां छात्र संख्या ज्यादा है, वहां से शिक्षकों को कम कर दिया गया है और जहां छात्र ही नहीं हैं, वहां नई नियुक्तियां थोप दी गई हैं, जिससे कई स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन होकर खाली हो चुके हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य की नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत क्षेत्र के सरकारी स्कूलों को हाशिए पर धकेला जा रहा है।


मेंटेनेंस फंड में करोड़ों का भ्रष्टाचार, कागजी रंग-रोगन से हादसों का खतरा
तबादलों के अलावा दिग्विजय सिंह ने स्कूलों की भौतिक स्थिति पर बात करते हुए मेंटेनेंस फंड में करोड़ों के बड़े भ्रष्टाचार का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के रखरखाव के नाम पर धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ, बल्कि सिर्फ रात के अंधेरे में रंग-रोगन की लीपापोती कर दी गई है। घटिया निर्माण और कागजी दावों के कारण आने वाली बारिश में इन जर्जर भवनों में बड़े हादसों का खतरा मंडरा रहा है। इस पूरी अव्यवस्था और गड़बड़ी को लेकर सर्व समाज ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि अगर समय रहते इसे तुरंत नहीं सुधारा गया, तो वे उग्र आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

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