सागवाड़ा। एकलव्य भील सेवा संस्थान आदिवासी समाज सागवाड़ा के बैनर तले रविवार को विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। आयोजन को लेकर आदिवासी समाज में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में कविता, नृत्य, नाटक, महापुरुषों की जीवनी, झांकियों और चित्रकला सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभावान बच्चों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
समाज अध्यक्ष महिपाल अहारी ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस को लेकर नगर में कई दिनों से उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम में समाज के बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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महर्षि वाल्मीकि मंदिर से निकली शोभायात्रा
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सुबह तहसील कार्यालय के पीछे स्थित महर्षि वाल्मीकि ऋषि मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गोल चौराहा, महिपाल स्कूल, बैंक तिराहा, मंडावी चौक, कंसारा चौक, उपला चौक, डेंडोरवाड़ा, कटारवाड़ा और परमारवाड़ा होते हुए लोहारिया तालाब स्थित वाल्मीकि मंदिर परिसर पहुंची, जहां शोभायात्रा सभा में परिवर्तित हो गई। कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण के साथ हुई। इसके बाद भगवान महर्षि वाल्मीकि ऋषि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया।
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बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में नन्हे बाल कलाकारों ने कविता, नृत्य, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। समाज की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया गया। चित्रकला, झांकी और अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम सुन्नी समाज की ओर से उपस्थित लोगों के लिए ठंडे पेय की व्यवस्था की गई। इससे सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला।
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बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में समाज की वर्तमान कार्यकारिणी, पूर्व कार्यकारिणी, सलाहकार समिति, युवा मंडल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन निशांत डेंडोर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल भागोरा ने किया। विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन ने समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक भाईचारे की झलक प्रस्तुत की।




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