सागवाड़ा के राजकुमार देसाई को ‘भिवंडी रत्न’ सम्मान, शिक्षा-समाजसेवा में बनाई खास पहचान


सागवाड़ा/भिवंडी। राजस्थान के दक्षिणी जिले डूंगरपुर के सागवाड़ा मूल के निवासी और महाराष्ट्र के भिवंडी में लंबे समय से शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय राजकुमार देसाई (आर.डी. सर गुरुजी) को उनके उल्लेखनीय सेवा कार्य, शैक्षणिक योगदान और बहुआयामी प्रतिभा के लिए तथास्तु फाउंडेशन की ओर से ‘भिवंडी रत्न’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वागड़-मावड़ क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है।

राजकुमार देसाई वर्ष 1995 से भिवंडी में निवास कर रहे हैं। वर्तमान में वे भाजपा शिक्षक आघाड़ी भिवंडी शहर जिला संयोजक तथा वागड़ सेवा जन जागृति संस्था, मुंबई के संगठन मंत्री के रूप में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। वे भिवंडी सहित महाराष्ट्र में रहने वाले वागड़-मावड़ क्षेत्र के प्रवासियों की आर्थिक, सामाजिक, व्यावसायिक एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं।


विद्यार्थी जीवन से ही सामाजिक और राष्ट्रसेवा से जुड़े
आर.डी. सर गुरुजी का सामाजिक एवं राष्ट्रवादी गतिविधियों से जुड़ाव विद्यार्थी जीवन से ही रहा है। वर्ष 1991 से 1993 तक उन्होंने बांसवाड़ा गवर्नमेंट कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि के रूप में दायित्व निभाया। वर्ष 1994 में सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महासचिव का दायित्व संभाला।
उन्होंने संस्कार भारती में जिला समन्वयक सहित विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। राम जन्मभूमि आंदोलन, श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए निधि संकलन तथा संघ द्वारा सौंपे गए विभिन्न दायित्वों और कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।


शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
राजकुमार देसाई ने वर्ष 2003 से 2016 तक प्रेसीडेंसी स्कूल में शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। वर्तमान में वे नवभारत स्कूल में संस्कृत एवं चित्रकला विषय के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2023 में उन्हें ‘वसंत स्मृति आदर्श शिक्षक पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
वे संस्कृत विषय में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुके हैं तथा कला, संस्कृति और राष्ट्रवादी विषयों के प्रखर वक्ता एवं चिंतक के रूप में भी पहचान रखते हैं। वे देशभक्ति गीतों के गायक और चित्रकार भी हैं तथा अखिल भारतीय कला अकादमी की ओर से ‘कला निधि पुरस्कार’ प्राप्त कर चुके हैं।


भिवंडी में ‘आर्किटेक्चर फैक्ट्री’ के नाम से पहचान
आर.डी. सर गुरुजी ने भिवंडी के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से NATA (National Aptitude Test in Architecture) की तैयारी के लिए कम शुल्क में कोचिंग शुरू की। उनका उद्देश्य था कि भिवंडी के विद्यार्थियों को आर्किटेक्चर प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कल्याण, ठाणे या मुंबई जैसे दूरस्थ स्थानों पर न जाना पड़े।
उनके मार्गदर्शन से कई विद्यार्थियों ने आर्किटेक्चर की शिक्षा पूरी कर विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और फर्मों में अपनी सेवाएं दी हैं। इनमें आर्किटेक्ट रुद्र देसाई, नियति गौसरानी, युक्ता पाटिल, यशिका पुजारी, प्राची भोईर और सौरभ एम. सहित कई विद्यार्थी शामिल हैं।
हाल ही में अब्दुल कय्यूम, प्रचिती लासाने, दीक्षा सहित करीब 12 से 15 विद्यार्थियों ने इसी वर्ष NATA प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। विद्यार्थियों के बीच उनके इस मार्गदर्शन केंद्र को अनौपचारिक रूप से ‘आर्किटेक्चर फैक्ट्री’ के नाम से भी पहचान मिली है।

संस्कृत और कला शिक्षा के लिए निःशुल्क पहल
भिवंडी शहर में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर.डी. सर गुरुजी प्रत्येक रविवार भागवत गीता एवं संस्कृत साहित्य का निःशुल्क शिक्षण भी देते हैं। वहीं चित्रकला एवं अन्य कलाओं में रुचि रखने वाले बच्चों को मार्गदर्शन देकर उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने और सफलता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके अलावा उन्होंने क्रिएटिव विजुअल कम्युनिकेशन स्किल यानी विज्ञापन एवं विजुअल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन से भिवंडी के विद्यार्थी आकाश गुप्ता ने महाराष्ट्र राज्य स्तर पर शीर्ष 10 में स्थान बनाया।


वागड़ को मुंबई से रेल मार्ग से जोड़ने के लिए प्रयासरत
आर.डी. सर गुरुजी का वागड़ क्षेत्र से जुड़ाव आज भी लगातार बना हुआ है। वे डूंगरपुर, बांसवाड़ा और सागवाड़ा सहित वागड़-मावड़ क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
विशेष रूप से वागड़ क्षेत्र को सीधे मुंबई से रेल मार्ग से जोड़ने की मांग और इसके लिए आवश्यक प्रयासों को लेकर वे लगातार सक्रिय हैं। उनका मानना है कि रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र के प्रवासियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आमजन को व्यापक लाभ मिलेगा।

24 घंटे समाजसेवा के लिए समर्पित
शिक्षा, कला, संस्कृत, सामाजिक सेवा और वागड़ क्षेत्र के हितों से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय रहने वाले राजकुमार देसाई को ‘भिवंडी रत्न’ सम्मान मिलना उनके लंबे सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
वागड़ की धरती से निकलकर महाराष्ट्र के भिवंडी में शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले आर.डी. सर गुरुजी का यह सम्मान वागड़ के लिए गौरव का विषय है।

Post a Comment

और नया पुराने