गोवाड़ी में पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल : अरावली को हरित बनाने का संकल्प, पहले दिन 1000 पौधे और 500 सीड बॉल्स का रोपण


सागवाड़ा। अरावली पर्वतमाला को सघन वृक्षावली से आच्छादित करने और पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान का रूप देने की दिशा में सागवाड़ा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। हार्टफुलनेस संस्था के ‘फॉरेस्ट बाय हार्टफुलनेस’ अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस से पूर्व गोवाड़ी ग्राम में सघन वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया। अभियान का आयोजन स्थानीय हार्टफुलनेस ध्यान केन्द्र कान्हा पार्क सागवाड़ा, भारत विकास परिषद शाखा सागवाड़ा, ग्राम पंचायत गोवाड़ी, राजकीय महात्मा गांधी सीनियर विद्यालय और ग्रामीणों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।


गोवाड़ी ग्राम के नवनिर्मित बोरज माता मंदिर परिसर से सुबह 9 बजे अभियान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, विद्यालय परिवार, हार्टफुलनेस के अभ्यासी सदस्यों और ग्रामीणों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रखते हुए लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी हरियाली विकसित करना है।


एक लाख पौधे लगाने का संकल्प
फॉरेस्ट बाय हार्टफुलनेस के प्रमुख चन्द्रकांत जोशी ने बताया कि अभियान के तहत संपूर्ण अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में एक लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए स्थानीय विद्यालयों, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी प्रभावी हो सकता है जब पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से अभियान में स्थानीय समुदाय को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।


पहले चरण में 6 हजार पौधे और सीड बॉल्स की व्यवस्था
अभियान के प्रथम चरण के लिए विभिन्न संस्थाओं की ओर से संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। भारत विकास परिषद द्वारा मनासा नर्सरी, मध्यप्रदेश से 2,000 सीड बॉल्स उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत गोवाड़ी ने 2,000 पौधे तथा हार्टफुलनेस ध्यान केन्द्र की ओर से 2,000 पौधों की व्यवस्था की गई है। अभियान के पहले ही दिन करीब 1,000 पौधों और 500 सीड बॉल्स का रोपण किया गया। इस दौरान स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें बैर, जंगल जलेबी, करंज, गोंदिया, सागवान, पीपल, बरगद और बादाम सहित अन्य प्रजातियां शामिल हैं।


ग्रामीणों और विद्यार्थियों की भागीदारी पर जोर
आयोजकों के अनुसार अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। पौधारोपण के साथ उन्हें पौधों की देखभाल, संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जुड़ाव और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। आयोजकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयासों से अरावली क्षेत्र में लंबे समय तक सकारात्मक पर्यावरणीय बदलाव लाया जा सकता है।


कान्हा शांति वनम की पर्यावरणीय पहल से प्रेरणा
हार्टफुलनेस के वैश्विक प्रमुख पद्म विभूषित डॉ. कमलेश डी. पटेल के मार्गदर्शन और प्रेरणा से संचालित पर्यावरणीय पहल के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण और प्रकृति संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां की जा रही हैं। चन्द्रकांत जोशी ने बताया कि हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम में विश्व की दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के उद्देश्य से ऊतक संवर्द्धन की लैब और नर्सरी विकसित की गई है। इसी पर्यावरण संरक्षण की सोच को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


कान्हा पार्क में ध्यान-योग के साथ विभिन्न प्रकल्प
सागवाड़ा क्षेत्र में करीब 40 बीघा भूमि पर स्थापित स्थानीय हार्टफुलनेस ध्यान केन्द्र कान्हा पार्क में पर्यावरण संरक्षण के साथ अन्य सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की योजना है। आयोजकों के अनुसार यहां प्राणाहुति के माध्यम से लोगों को निःशुल्क ध्यान और योग का अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, ब्राइटर माइंड, शिक्षा, वेलनेस और कृषि से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों के प्रशिक्षण को भी आगे शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र परिकल्पना को आगे बढ़ाना है।


तीन दशक से निःस्वार्थ सेवा का दावा
हार्टफुलनेस संस्था से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार संस्था पिछले करीब तीन दशकों से अपने अभ्यासियों और स्वयंसेवकों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर विभिन्न निःशुल्क एवं निःस्वार्थ सेवाएं उपलब्ध कराती आ रही है। ‘हर दिल ध्यान, हर दिन ध्यान’ के संदेश के साथ ध्यान, योग, पर्यावरण और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है।


स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
वृक्षारोपण अभियान के दौरान स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर देश की आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले अनगिनत अनाम स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।


ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में निवर्तमान प्रधान ईश्वर सरपोटा, सरपंच पुष्पा देवी सरपोटा, भारत विकास परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला, सचिव दिनेश शर्मा, रमेश वैष्णव, जयंतीलाल मोची, हार्टफुलनेस केन्द्र प्रभारी महेन्द्र सिंह चौहान, फॉरेस्ट बाय हार्टफुलनेस प्रमुख चन्द्रकांत जोशी, प्रधानाचार्य राकेश सेवक, गोवाड़ी ग्राम विकास अधिकारी एवं ब्लॉक अध्यक्ष सागवाड़ा निलेश कुमार जोशी, चन्द्रशेखर शुक्ला एवं जोनल समन्वयक प्रदीप भट्ट सहित बड़ी संख्या में हार्टफुलनेस के अभ्यासी, ग्रामीण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

गोवाड़ी से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में अरावली क्षेत्र में बड़े स्तर पर पौधारोपण और पौधों के संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ाने की योजना है। एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य यदि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी और निरंतर संरक्षण के साथ पूरा होता है, तो यह क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामुदायिक पहल साबित हो सकता है।



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